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‘कामगार दिवस’ पर देहरादून की लाइफलाइन ऑटो, विक्रम, स्कूल वैन यूनियनों एवं जनसेवी संस्थाओं के कर्मयोगियों का सम्मान; सौरभ मठाणी के गढ़वाली गीतों पर झूम उठा रामलीला मैदान!

देहरादून। देहरादून के रेसकोर्स स्थित श्री गुरु नानक मैदान में आयोजित उत्तराखंड की ऐतिहासिक ‘भव्य रामलीला महोत्सव–2026’ का अष्टम दिवस ‘कामगार दिवस’ के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की गरिमामयी उपस्थिति रही। रामलीला में रावण–अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति एवं मेघनाद वध के प्रसंगों का भव्य मंचन किया गया। आधुनिक लेज़र एवं डिजिटल तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत लक्ष्मण शक्ति के अद्भुत दृश्य और मेघनाद वध के प्रभावशाली मंचन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

‘कामगार दिवस’ के अवसर पर देहरादून की जीवनरेखा मानी जाने वाली ऑटो यूनियन, विक्रम यूनियन, स्कूल वैन एसोसिएशन, नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन तथा परिवहन, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य जनसेवाओं से जुड़ी संस्थाओं के कर्मयोगियों के योगदान को सम्मान देने का संदेश दिया गया। इन संगठनों से जुड़े मेहनतकश लोग शहर की दैनिक व्यवस्था को सुचारु रखने और जनजीवन को गतिशील बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके श्रम, समर्पण और सेवाभाव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना इस दिवस का प्रमुख उद्देश्य रहा।

गढ़वाली फिल्मों के सुपरस्टार एवं प्रसिद्ध लोकगायक सौरभ मठाणी जी की शानदार प्रस्तुति ने बांधा समां!

कार्यक्रम में गढ़वाली फिल्मों के सुपरस्टार एवं प्रसिद्ध लोकगायक सौरभ मठाणी जी ने अपने शानदार गीतों और मनमोहक प्रस्तुति से ऐसा समां बांधा कि पूरा रामलीला मैदान लोकसंगीत के रंग में रंग गया। उनके लोकप्रिय गढ़वाली गीतों पर दर्शक झूम उठे और जमकर नाचते नजर आए। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुति ने माहौल को उत्साह, उमंग और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। दर्शकों ने तालियों और उत्साह के साथ उनकी प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के भव्य सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं धार्मिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को आधुनिक तकनीक के साथ भव्य स्वरूप में प्रस्तुत करना सराहनीय प्रयास है।

महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला ने कहा कि समाज के निर्माण में योगदान देने वाले कामगारों, श्रमिकों और विभिन्न जनसेवी संगठनों का सम्मान करना आवश्यक है। शहर की परिवहन व्यवस्था, शिक्षा, स्वच्छता और अन्य जनसेवाओं को सुचारु रखने वाले कर्मयोगियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से उनके परिश्रम और समर्पण को सम्मान देना सराहनीय पहल है।

रामलीला समिति के अध्यक्ष श्री अभिनव थापर ने कहा कि श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला की गौरवशाली परंपरा को संरक्षित करते हुए उसे आधुनिक तकनीक के माध्यम से देशभर में पहुँचाना है। वर्ष 2025 में इस रामलीला को डिजिटल माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा। दर्शकों के इसी अपार स्नेह से प्रेरित होकर वर्ष 2026 में एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया है।

श्री थापर ने कहा कि रामलीला के साथ कामगार दिवस मनाने का उद्देश्य भगवान श्रीराम के कर्म, कर्तव्य और सेवा के आदर्शों को समाज के उन मेहनतकश लोगों के सम्मान से जोड़ना है, जिनके परिश्रम से हमारा शहर निरंतर आगे बढ़ता है। ऑटो यूनियन, विक्रम यूनियन, स्कूल वैन एसोसिएशन, नगर निगम कर्मचारी एसोसिएशन और अन्य जनसेवी संस्थाओं से जुड़े कर्मयोगियों का सम्मान करना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है।

वर्ष 1952 में पुरानी टिहरी से प्रारंभ हुई ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा को टिहरी के जलमग्न होने के बाद देहरादून में पुनर्जीवित किया गया। श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून (पंजीकृत) द्वारा इस सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। पारंपरिक रामलीला के साथ आधुनिक लेज़र एवं डिजिटल तकनीक का समावेश आयोजन को विशिष्ट पहचान प्रदान कर रहा है।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, समिति अध्यक्ष श्री अभिनव थापर, लोकगायक श्री सौरभ मठाणी, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती ज्योति रौतेला, पत्रकार राहुल कोटियाल, डॉ. राकेश भट्ट, भूपेश धवन, ऑटो यूनियन देहरादून के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा, विक्रम यूनियन देहरादून के महामंत्री संजय अरोड़ा, समाजसेवी सुशील बहुगुणा, अनुपम नागालिया एवं नई टिहरी रामलीला समिति के अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल सहित समिति के अन्य सदस्यों और अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

समिति ने सभी अतिथियों, कलाकारों, कामगारों, यूनियनों, संस्थाओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और समाज के प्रत्येक वर्ग के योगदान को सम्मान देना महोत्सव की भावना का अभिन्न अंग है।

सादर आमंत्रण: भव्य रामलीला मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। 20 अक्टूबर को रावण, कुंभकर्ण एवं मेघनाद के पुतलों का भव्य दहन तथा 21 अक्टूबर को श्रीराम राजतिलक होगा। इसके साथ ही 8 से 25 अक्टूबर तक श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स, देहरादून में भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। समस्त श्रद्धालुओं एवं नगरवासियों से सपरिवार पधारकर इस ऐतिहासिक आयोजन का आनंद लेने की अपील की गई है।

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