5500 शिशु पौधे जलकर राख, पौड़ी में भी वनाग्नि की घटनाएं
पौड़ी/चमोली। उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में जंगलों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। विभिन्न क्षेत्रों में जंगल धधक रहे हैं। जिससे बहुमूल्य वन संपदा जलकर राख हो रही है। वन्य जीवों और पर्यावरण पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। पौड़ी और चमोली जिले के नारायणबगड़ से फॉरेस्ट फायर की घटनाएं सामने आई हैं।
पौड़ी के बुआखाल, पौड़ी–देवप्रयाग मोटर मार्ग पर सबदरखाल के समीप जंगलों में भीषण आग देखने को मिली। सड़क से सटे जंगलों के साथ-साथ ऊंचाई पर स्थित वन क्षेत्र भी आग की चपेट में आ गए। आग इतनी विकराल थी कि दूर-दूर तक लपटें दिखाई दे रही थीं। पूरा क्षेत्र धुएं से भर गया। जंगलों में लगातार बढ़ रही आग की घटनाओं के चलते वन्य जीव भी प्रभावित हो रहे हैं। पानी और सुरक्षित स्थान की तलाश में जंगली जानवर जंगलों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं।जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा भी बढ़ सकता है।
फायर सीजन की शुरुआत में लगातार हो रही बारिश के कारण जंगलों में नमी बनी हुई थी। जिससे आग की घटनाएं लगभग ना के बराबर थीं। अब तापमान में लगातार हो रही वृद्धि और सूखे मौसम के चलते जंगल तेजी से आग की चपेट में आ रहे हैं। वन विभाग पौड़ी की टीम आग की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रही है। विभाग की ओर से ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि समय रहते आग पर नियंत्रण पाया जा सके और जंगलों को बड़े नुकसान से बचाया जा सके।डीएफओ ने बताया फायर सीजन शुरू होने के बाद अब तक जिले में आग लगने की 22 घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इन घटनाओं में लगभग 17 हेक्टेयर वन भूमि जलकर खाक हो गई है।
चमोली जिले के नारायणबगड़ क्षेत्र अंतर्गत पश्चिमी पिंडर रेंज, बदरीनाथ वन प्रभाग में बीते दो दिनों से लगी भीषण आग ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लेगुना गांव के ठीक नीचे वन भूमि क्षेत्र में लगी आग से हजारों की संख्या में शिशु पौधे जलकर राख हो गए, जबकि लाखों रुपये की वन संपदा भी स्वाहा हो गई। जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में सिविल वन भूमि क्षेत्र में लगभग 5500 शिशु पौधों का रोपण किया गया था, लेकिन आग की चपेट में आने से ये सभी पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगातार दो दिनों तक धधकती रही, लेकिन वन विभाग समय रहते आग पर काबू पाने में पूरी तरह विफल साबित हुआ।
वन विभाग का पक्ष
इस मामले में प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे ने बताया नारायणबगड़ क्षेत्र में लगी आग पर काबू पाने के लिए विभागीय टीमें लगातार जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मी सुबह से ही अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि शाम तक आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी, तपती धूप और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है। जिससे आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बावजूद इसके विभागीय टीम लगातार मौके पर डटी हुई हैं। आग पर नियंत्रण पाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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