चमोली ( प्रदीप लखेड़ा )
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने शुक्रवार को दूरस्थ निजमूला घाटी का स्थलीय निरीक्षण कर क्षेत्र की विकास योजनाओं और जनसमस्याओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बिरही-निजमूला मोटर मार्ग तथा निर्माणाधीन निजमूला-पाणा सड़क का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बिरही-निजमूला मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित काली चट्टान क्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने ब्रिडकुल अधिकारियों को सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने तथा समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि क्षेत्रवासियों को बार-बार होने वाली कठिनाइयों से राहत दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
ब्यारा गांव के ग्रामीणों द्वारा बाजार क्षेत्र में जल निकासी की समस्या उठाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग को नाली निर्माण कराने के निर्देश दिए।इसके बाद जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन निजमूला-पाणा सड़क पर झींझी पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने, पर्याप्त मानव संसाधन लगाने तथा आगामी नवंबर माह तक पुल निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वन विभाग के आवास गृह में आयोजित बैठक के दौरान घाटी के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने दुर्मी ताल के पुनर्निर्माण, पर्यटन विकास, सड़क, शिक्षा, दूरसंचार सुविधाओं तथा अन्य मूलभूत समस्याओं को जिलाधिकारी के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने क्षेत्र के प्रमुख पैदल मार्गों के सुधारीकरण और पर्यटन स्थलों के विकास की भी मांग की।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे तथा प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, तहसीलदार दीप्ति शिखा, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एन. के. जोशी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता तनुज कम्बोज पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रघुबीर बिष्ट, पूर्व प्रधान मोहन सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह खाती, दीपा देवी, गजेंद्र रावत, कर्ण सिंह फर्वाण, भरत राणा, भगत सिंह फर्खाण, बृजलाल, राजेंद्र सिंह, अवतार सिंह, बीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
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