उत्तराखंडदेहरादून

विपक्ष के हंगामे बहिर्गमन के बीच राज्यपाल का हुआ अभिभाषण

विधान सभा के बजट सत्र के पहले दिन राजयपाल ने रखा राज्य के विकास का रोडमैप

गैरसैंण, (भराड़ीसैंण)  । उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कहा कि सरकार का उद्देश्य सतत विकास, सुशासन और समावेशी वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी विभागों और नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए यह भरोसा दिया कि सभी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के प्रत्यक्ष लाभ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

राज्यपाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देना, रोजगार सृजन और आधारभूत अवसंरचना का विकास करना है। उन्होंने सभी विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का निर्देश दिया।
राज्यपाल ने कहा कि,’ हमारा दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड हर क्षेत्र में अग्रणी बने। सभी योजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता के प्रत्यक्ष लाभ को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक नागरिक विकास का प्रत्यक्ष लाभ अनुभव करे।’

अभिभाषण के मुख्य बिंदु:
प्रशासन और सुशासन:मतदाता सूची में सुधार, सभी मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र प्रदान करना, ई-ऑफिस प्रणाली से प्रशासनिक दक्षता, प्रवासी उत्तराखण्डियों के निवेश और योगदान को बढ़ावा।
बुनियादी ढांचा:शारदा कॉरिडोर परियोजना के तहत शारदा घाट का पुनर्निर्माण, नदी तट सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण और शहरी सड़कों का निर्माण, 21 नए पुलों का निर्माण।
वित्तीय प्रबंधन:ड्रोन सर्वेक्षण द्वारा भूमि का सटीक नक्शा तैयार करना, खनन क्षेत्र से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व, “मेरी योजना” पुस्तिका के माध्यम से जनता तक योजनाओं की पहुँच।
शिक्षा और नवाचार:840 से अधिक स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं, चार राजकीय पॉलिटेक्निक में एआई, आईओटी
और रोबोटिक लैब, साइंस सिटी और क्षेत्रीय साइंस इनोवेशन सेंटर का निर्माण।
स्वास्थ्य और आयुष:
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और उन्नत सुविधाएं, ईजा-बोई शगुन योजना, आयुष नीति-2023 और योग नीति-2025 के माध्यम से सस्ती और सुलभ आयुष चिकित्सा।
कृषि, पशुपालन और मत्स्यिकी:
उच्च मूल्य वाली फसलों का संवर्धन, 1.5 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता, 1,847 ट्राउट फार्मिंग यूनिट।
ऊर्जा और पर्यटन:
पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तार, देहरादून एयरपोर्ट नया टर्मिनल, हेलीपोर्ट और नियमित हेलीकाप्टर उड़ानें, हाई एल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन और आध्यात्मिक-साहसिक पर्यटन को बढ़ावा।
सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास:
9 लाख से अधिक पेंशनधारकों को डीबीटी के माध्यम से भुगतान, दिव्यांग और अल्पसंख्यक योजनाओं का लाभ, ग्रामीण आवास योजना में 65,531 परिवारों को आवास।
डिजिटल शासन:
आइटीडीए के इमर्जिंग टेक्नोलॉजी प्रभाग की स्थापना, जीआईएस आधारित संपत्ति कर निर्धारण और भूमि पंजीकरण का एकीकरण, डिजिटल उत्तराखण्ड पोर्टल से सरकारी सेवाओं की पहुंच में सुधार।

कांग्रेस ने किया अभिभाषण का बहिष्कार
देहरादून. सरकार पर संख्या बल के सहारे विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आज के नेतृत्व में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध किया. कांग्रेस के सदस्यों ने पहले अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी की और उसके बाद सभी वेळ में आ गये. वेळ में आकर उन्होंने राज्यपाल गो बैक के नारे लगाए. यह भी कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय नहीं देने वाली सरकार को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए. काफी देर तक हंगामा करने के बावजूद जब राज्यपाल का अभिभाषण जारी रहा तो सभी कांग्रेस विधायक सदन से बाहर चले गए. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हमने मुख्यमंत्री से सदन का कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी और साथ में यह भी कहा था कि सोमवार को भी प्रश्न प्रहर रखा जाए ताकि मुख्यमंत्री से जुड़े विषयों के सवाल जवाब हो सके. सरकार ने हमारी बात नहीं मानी इसलिए हमने विपक्ष का राज्यपाल का योगासन का बहिष्कार किया है.

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