नई दिल्ली । भारत के पहले पर्सनल केयर ब्रांड, टूको किड्स, जो 3 साल से 13 साल के बच्चों के लिए शुरू किया गया है, ने अपना लेटेस्ट कैंपेन जारी किया। इस कैंपेन में फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान एक महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ रही हैं और माता-पिता की एक लापरवाह आदत पर सवाल खड़ा कर रही हैं कि वो अपने बच्चों को इस्तेमाल के लिए एडल्ट स्किनकेयर प्रोडक्ट्स क्यों देते हैं।
यह सवाल टूको किड्स का नया साहसी कैंपेन, ‘‘क्या आप अपने बच्चों को…?’’ उठा रहा है। इसमें कई फिल्में हैं, जो उकसाने वाले दृश्यों के माध्यम से माता-पिता की एक आम आदत को चुनौती देती हैं कि वो अपने बच्चों को इस्तेमाल के लिए एडल्ट स्किनकेयर प्रोडक्ट्स क्यों देते हैं।
फराह स्क्रीन पर अपने बेबाक अंदाज में तीन बच्चों की माँ के रूप में दिखाई देती हैं, जिससे फिल्म में प्रामाणिकता आ जाती है। दर्शकों से सवाल पूछा जाता है कि क्या वो अपने बच्चों को हाथ में बीयर की बोतल लेने देंगे, कार चलाने देंगे, या फिर शादी करने देंगे; इनमें से हर सवाल का जवाब ‘ना’ में मिलता है, फिर कैंपेन की केंद्रीय थीम चलती है, ‘‘तो एक सेकंड… इसके लिए आंसर है, नो। तो फिर एडल्ट स्किनकेयर? वो कैसे हाँ हो गया?’’
कहानी को आगे बढ़ाते हुए फराह असली जीवन में अपने मशहूर कुक, दिलीप से बात करती हैं, जिनके मासूम सवाल फिल्म को मुद्दे की ओर ले जाते हैं और इसे ह्यूमर के साथ रोजमर्रा के जीवन से भी जोड़ देते हैं।
एक खास यादगार बिहाइंड-द-सीन्स पल में, जो माता-पिता को बहुत पसंद आया, फराह यह चिल्लाते हुए अपने मैनेजर का चप्पल लेकर पीछा करती हैं: “अरे यार… यह ब्रांड मेरे बच्चे जब छोटे थे तब लाना चाहिए था। तीन-तीन बच्चों का अब टीनएज खत्म होने आया है, और तू अब यह ब्रांड ला रहा है”। उनका यह गुस्सा वैसा ही है, जो हजारों भारतीय माता-पिता अपने बच्चों के लिए उम्र के हिसाब से स्किनकेयर ऑप्शन की कमी को लेकर महसूस करते हैं।
कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, फिल्म का मुख्य संदेश सामने आता है कि बच्चों की स्किन ज्यादा नाजुक होती है और धूप, पसीने, प्रदूषण एवं आउटडोर प्ले के लगातार एक्सपोज़र से उनकी रक्षा करने के लिए उन्हें कोमल फ़ॉर्म्युलेशन की जरूरत होती है।
इस कैंपेन में टूको की पूरी प्रोडक्ट रेंज दिखाई गई है, जिसमें डल स्किन किट और टैंगल्ड हेयर किट शामिल हैं। इन सभी प्रोडक्ट्स में रीठा, आंवला, हल्दी और केसर जैसे भरोसेमंद तत्वों का उपयोग किया गया है, तथा ये सभी प्रोडक्ट डर्मेटोलॉजिस्ट एवं पीडियाट्रिशियन द्वारा प्रमाणित हैं।
इस कैंपेन के बारे में टूको किड्स के को-फ़ाउंडर ऐश्वर्या मुरली और चाणक्य गुप्ता ने कहा, “इस कैंपेन के लिए फराह की प्रामाणिकता की जरूरत थी। इसमें वो कोई स्क्रिप्ट नहीं पढ़ रही हैं, बल्कि एक माँ के रूप में स्वाभाविक प्रतिक्रिया दे रही हैं, जो चाहती थीं कि उनके बच्चों के लिए बेहतर ऑप्शन उपलब्ध होने चाहिए थे। उनका यह गुस्सा, ‘यह पहले क्यों नहीं मौजूद था’ वाली फीलिंग, हर उस माता-पिता की फीलिंग है, जो उन्हें टूको के बारे में पता चलने पर महसूस होगी। यह कैंपेन इस बारे में एक स्पष्ट बातचीत शुरू करने के बारे में है कि हम अपने बच्चों की स्किन पर क्या लगा रहे हैं।”
इस कैंपेन को हाई-विज़िबिलिटी कंटेंट और क्रिएटर्स के सहयोग के साथ सोशल और इन्फ्लुएंसर प्लेटफॉर्म पर 360-डिग्री डिजिटल एम्प्लीफिकेशन द्वारा आगे बढ़ाया जाएगा।
टूको किड्स की शुरुआत साल 2023 में की गई थी, जिसका उपयोग आज भारत में पाँच लाख से अधिक परिवार करते हैं। पिछले साल कंपनी ने 10 गुना वृद्धि हासिल की। आरटीपी ग्लोबल, फायरसाइड वेंचर्स, व्हाइटबोर्ड कैपिटल और एमजी इन्वेस्टमेंट्स के सहयोग से यह ब्रांड स्किनकेयर, हेयर केयर, बॉडी केयर, सनस्क्रीन, मॉस्किटो रिपेलेंट, किड्स मेकअप, डियोड्रंट और क्योरेटेड गिफ्ट पैक पेश करता है। इन सभी प्रोडक्ट्स को प्राकृतिक और भारत की प्राचीन सामग्रियों से इन-हाउस बनाया गया है, तथा इन्हें डर्मेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन ने सर्टिफाई किया है। ये प्रोडक्ट 100% लैंडफिल और ओशन-रिक्लेम्ड प्लास्टिक पैक में उपलब्ध हैं।
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Creative Credits
Creative Agency: In-house (Tuco Kids team)
Director: Rohit Reddy
Production House: EiPi Media




