उत्तराखंड

निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी को छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने दिया ज्ञापन 

  • निजी स्कूलों द्वारा इस वर्ष फीस में बढ़ोत्तरी न की जाये न ही नये सत्र में अभिभावकों से एडमिशनि फीस दोबारा ली जाये – सिद्धार्थ अग्रवाल

देहरादून:  डीएवी पीजी कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल के नेतृत्व में बुधवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य शिक्षाधिकारी कार्यालय देहरादून में निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए मुख्य शिक्षाधिकारी महोदय को ज्ञापन दिया।

छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि अगर जल्द से जल्द इस मामले में शासन-प्रशासन द्वारा कार्यवाही नहीं की गई तो पूरा छात्रसंघ अभिभावकाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
इस दौरान सौरभ सेमवाल,स्वयं रावत,आकाश अवस्थी,मंथन भाटिया,आदि कई एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ज्ञापन में निम्नलिखित बिंदुओं को रेखांकित किया गया है।

निवेदन इस प्रकार है कि देहरादून में निजी स्कूल संचालकों द्वारा प्रतिवर्ष फीसों में भारी वृद्धि की जाती है जिसे कई अभिभावक अदा करने में समर्थ नहीं होते। इस प्रकार से निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों का जमकर आर्थिक शोषण किया जाता है। इस सम्बन्ध में निम्नलिखित तथ्य इस ज्ञापन के माध्यम से आपके समक्ष रखना चाहते हैं।

1. महोदय विगत काफी समय से बेहताशा मंहगाई बढ़ गई है जिससे आम जनता की कमर टूट चुकी है, ऐसी दशा में निजी स्कूल संचालकों द्वारा इस वर्ष भी फीस में वृद्धि की जा रही है जिससे अभिभावकों के ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ जायेगा तथा इससे बच्चों की शिक्षा-दीक्षा में व्यवधान उत्पन्न होगा।

2. महोदय हर वर्ष निजी स्कूलों द्वारा फीस बढोत्तरी के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं पढ़ा पा रहे हैं और बीच में ही बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में डालना पड़ रहा है जिस कारण देश की भावी पीढ़ी का जीवन पूरी तरह से बर्बाद हो जायेगा।

3. महोदय आपके संज्ञान में यह भी लाना है कि कुछ निजी स्कूलों द्वारा हर वर्ष स्लेबस को बदलने का व्यवसाय शुरू कर दिया है जिसके कारण अभिभावकों से किताबों के नाम पर भी लूट-खसोट मची हुई है इसका कारण यह है कि कुछ निजी स्कूल संचालकों की बुक पब्लिशिंग हाउस संचालकों के साथ कमीशनखोरी तय है जिसका खमियाजा आखिर में अभिभावकों को ही उठाना पड़ता है।

4. यह कि कुछ स्कूलों द्वारा नये सत्र में अभिभावकों से एडमिशन फीस अवैध रूप से वसूली जाती है जिसमें अग्रणी रूप से श्री गुरूराम राय के समस्त स्कूल शामिल हैं। एडमिशन फीस को तुरन्त प्रभाव से बन्द की जाये तथा श्री गुरूराम राय के समस्त स्कूलों को शिक्षा विभाग के नियमों के दायरे में लाया जाये जिस भी स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जायेगा उन पर सख्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

6. महोदय जनहित में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी को समाप्त किया जाना न्यायहित में न्यायोचित होगा।

7. महोदय यदि निजी स्कूल संचालकों की मनमानी पर आपके द्वारा रोक नहीं लगाई जाती है, ऐसी स्थिति में छात्रसंघ अभिभावकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उग्र आन्दोलन के लिए बाध्य होगा।

अतः महोदय से अनुरोध है कि निजी स्कूलों द्वारा इस वर्ष फीस में बढ़ोत्तरी न की जाये न ही नये सत्र में अभिभावकों से एडमिशनि फीस ली जाये इस सम्बन्ध में समुचित कार्यवाही करने का कष्ट करें।

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