फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल एवं एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल द्वारा सर्जिकल सोसायटी देहरादून के सहयोग से सीएमई का आयोजन
देहरादून । उन्नत सर्जिकल तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके प्रभावी उपयोग को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल एवं एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल ने सर्जिकल सोसायटी देहरादून के सहयोग से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी की बढ़ती भूमिका पर केंद्रित एक कंटिन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम हयात सेंट्रिक, देहरादून में आयोजित किया गया, जिसमें शहर के प्रमुख सर्जनों, चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्य पेशेवरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने चर्चा की कि किस प्रकार रोबोटिक सर्जरी यूरोलॉजी, ऑन्कोलॉजी और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी सहित कई चिकित्सा क्षेत्रों में सर्जिकल प्रक्रियाओं को अधिक सटीक, सुरक्षित और प्रभावी बना रही है। ज्ञान-विनिमय और विशेषज्ञ चर्चाओं के माध्यम से इस पहल का उद्देश्य चिकित्सा समुदाय को रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी में हो रहे नवीनतम तकनीकी विकासों से अवगत कराना था, ताकि जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं में बेहतर दक्षता हासिल की जा सके और मरीजों में जटिलताओं को न्यूनतम किया जा सके।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए डॉ. पंकज पंवार, एडिशनल डायरेक्टर – यूरोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल ने कहा, “रोबोटिक सर्जरी यूरोलॉजी के क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी तकनीक के रूप में उभर रही है। यह सर्जनों को जटिल प्रक्रियाओं को अत्यधिक सटीकता, उन्नत विज़ुअलाइज़ेशन और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक के साथ संपन्न करने में सक्षम बनाती है। जैसे-जैसे चिकित्सकों और मरीजों के बीच इस तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ रही है, रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी भविष्य में बेहतर क्लिनिकल परिणाम सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सर्जिकल रोबोटिक्स में हो रहे तकनीकी विकास पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सुधीर श्रीवास्तव, फाउंडर, चेयरमैन एवं सीईओ, एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल इंक ने कहा, रोबोटिक सर्जरी और टेली-सर्जरी स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। सर्जिकल रोबोटिक्स में निरंतर प्रगति के माध्यम से हम सर्जनों को अधिक सुरक्षित, सटीक और प्रभावी सर्जिकल प्रक्रियाएँ करने में सक्षम बना रहे हैं। हमारा उद्देश्य अत्याधुनिक तकनीक को देश के अधिकाधिक अस्पतालों तक पहुँचाना तथा चिकित्सकों को ऐसे उन्नत उपकरण उपलब्ध कराना है, जो उनकी सर्जिकल क्षमताओं को सशक्त बनाते हुए मरीजों की देखभाल के स्तर को और बेहतर बना सकें। ऑन्कोलॉजी सर्जरी में रोबोटिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. अर्चित पंडित, डायरेक्टर – सर्जिकल ऑन्कोलॉजी ने कहा, कैंसर सर्जरी में सटीकता और नियंत्रण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। रोबोटिक-असिस्टेड सर्जिकल सिस्टम सर्जनों को अत्यधिक संवेदनशील और जटिल प्रक्रियाओं को बेहतर दक्षता और नियंत्रण के साथ करने की सुविधा प्रदान करते हैं। इस तकनीक की मदद से सर्जिकल परिणामों में सुधार के साथ-साथ मरीजों में सर्जिकल ट्रॉमा, रक्तस्राव और रिकवरी अवधि को भी कम किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. मिलिंद होटे, डायरेक्टर – कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) ने कहा, “कार्डियोथोरेसिक सर्जरी के क्षेत्र में रोबोटिक तकनीक एक महत्वपूर्ण परिवर्तन ला रही है। इसके माध्यम से ऐसी जटिल प्रक्रियाएँ भी न्यूनतम इनवेसिव तरीके से संभव हो रही हैं, जिन्हें पहले पारंपरिक तरीकों से करना चुनौतीपूर्ण माना जाता था। बेहतर सटीकता और कम सर्जिकल ट्रॉमा के कारण मरीजों को तेज़ रिकवरी, अस्पताल में कम समय तक रहने और बेहतर दीर्घकालिक परिणामों का लाभ मिलता है।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. विक्रम अग्रवाल, वाइस प्रेसिडेंट एवं फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स ओखला हॉस्पिटल ने कहा, रोबोटिक सर्जरी आधुनिक सर्जिकल देखभाल को नई दिशा दे रही है। यह तकनीक सर्जनों को अधिक सटीकता के साथ कार्य करने की क्षमता प्रदान करती है, जिससे मरीजों को बेहतर परिणाम और तेज़ रिकवरी मिलती है। इस प्रकार के शैक्षणिक मंच विशेषज्ञों को एक साथ लाने, ज्ञान-साझा करने और रोबोटिक सर्जरी तथा टेली-सर्जरी जैसी उभरती तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे क्षेत्र में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और मजबूत होती है।
एसएस इनोवेशन्स द्वारा विकसित एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम एक अत्याधुनिक मॉड्यूलर मल्टी-आर्म प्लेटफॉर्म है, जिसमें कई उन्नत तकनीकी विशेषताएं शामिल हैं। इस सिस्टम में 3 से 5 रोबोटिक आर्म्स का उपयोग किया जा सकता है और इसमें ओपन-फेस्ड एर्गोनॉमिक सर्जन कमांड सेंटर, 32-इंच का बड़ा 3डी 4के मॉनिटर, मरीज से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने के लिए 23-इंच का 2डी टच पैनल मॉनिटर, रोबोटिक पेशेंट-साइड आर्म कार्ट्स की रियल-टाइम वर्चुअल इमेजिंग तथा डायग्नोस्टिक इमेजिंग के 3डी मॉडलों को सुपरइम्पोज करने की सुविधा उपलब्ध है।
इस सिस्टम में मौजूद विजन कार्ट टेबल-साइड टीम को भी वही मैग्निफाइड 3डी 4के दृश्य उपलब्ध कराता है, जो सर्जन को दिखाई देता है, जिससे सर्जरी के दौरान बेहतर समन्वय, सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित होती है। इसके मॉड्यूलर रोबोटिक आर्म्स की लचीली पोज़िशनिंग और उपयोग में आने वाली आर्म्स की संख्या निर्धारित करने की सुविधा सर्जिकल प्रक्रियाओं को बिना किसी टकराव के सुचारु रूप से संचालित करने में सहायक है।
इसके अतिरिक्त, विभिन्न विशेषज्ञताओं—विशेष रूप से कार्डियक सर्जरी—के लिए 40 से अधिक प्रकार के रोबोटिक एंडो-सर्जिकल उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। एसएसआई मंत्रा का एर्गोनॉमिक डिज़ाइन और उपयोगकर्ता-अनुकूल इंटरफेस सर्जनों के लिए सीखने की प्रक्रिया को भी सरल बनाता है। इस सिस्टम को भारत में 90 से अधिक प्रकार की सर्जिकल प्रक्रियाओं में सफलतापूर्वक क्लिनिकली वैलिडेट किया जा चुका है।
एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल ने संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ में भी इसके लिए नियामक अनुमोदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है, और कंपनी को उम्मीद है कि वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में इसे एफडीए तथा सीई मार्क की स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी।
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