देहरादून। तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल में स्वर्गीय जय माला जैन की स्मृति में प्रथम ‘जय माला जैन मेमोरियल हेरिटेज क्विज’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन उनकी स्मृति को समर्पित एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि रहा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान, शिक्षा और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता के माध्यम से प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दून इंटरनेशनल स्कूल, रिवरसाइड कैंपस के प्रधानाचार्य जेकब अजीत मैथ्यूज़ उपस्थित रहे। तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य रमन कौशल ने उनका स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में उपप्रधानाचार्य संजय शर्मा, मिडिल स्कूल की हेडमिस्ट्रेस डॉ. वरिंदर कौर, विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि, शिक्षक, प्रायोजक तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे। स्वागत संबोधन में प्रधानाचार्य रमन कौशल ने समग्र शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया केवल कक्षा तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बच्चों में जिज्ञासा विकसित करने, उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाने तथा भारत की गौरवशाली विरासत के प्रति ज्ञान और समझ को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रतियोगिता के प्रारंभिक चरण में कई प्रतिष्ठित विद्यालयों की टीमों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपने ज्ञान, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना का शानदार प्रदर्शन किया। प्रारंभिक चरण के प्रदर्शन के आधार पर छह विद्यालयों ने ग्रैंड फिनाले में अपनी जगह बनाई।
प्रारंभिक चरण में वाइनबर्ग-एलन स्कूल ने 17.5 अंकों के साथ पहला स्थान प्राप्त किया। डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल 13.5 अंकों के साथ दूसरे और द एशियन स्कूल 11 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी, दून इंटरनेशनल स्कूल सिटी कैंपस और बिरला ओपन माइंड्स इंटरनेशनल स्कूल ने 10.5-10.5 अंक प्राप्त कर ग्रैंड फिनाले में प्रवेश किया।
ग्रैंड फिनाले का संचालन एक्टिविटीज एवं एलुमनाई के डीन तथा वाणिज्य विभाग के प्रमुख संदीप दत्ता और पीजीटी (राजनीति विज्ञान) सिद्धार्थ शर्मा ने किया। प्रतियोगिता में कई रोचक चरण शामिल किए गए, जिनमें प्रतिभागियों के ज्ञान, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता, विश्लेषणात्मक कौशल और टीमवर्क की परीक्षा ली गई।
प्रतियोगिता के प्रमुख चरणों में समय-सीमा के भीतर उत्तर देने वाला रैपिड-फायर राउंड, सुरागों के आधार पर उत्तर पहचानने वाला ‘विरासत’ राउंड शामिल था, जिसमें अतिरिक्त संकेत लेने पर अंक काटे जाते थे। इसके अलावा ऑडियो राउंड में टीमों को प्रश्न पास करने का विकल्प दिया गया, हालांकि इसमें गलत उत्तरों के लिए नकारात्मक अंक निर्धारित थे। विषय चयन राउंड के साथ प्रतियोगिता का समापन विरासत पर आधारित अंतिम रैपिड-फायर राउंड ‘धरोहर’ के साथ हुआ।
मुख्य अतिथि जेकब अजीत मैथ्यूज़ ने विद्यार्थियों को ज्ञान का महत्व समझने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। केरल में अपने पालन-पोषण और माता-पिता से मिले संस्कारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि परिवार, परंपराओं और बचपन में मिलने वाली सीख का व्यक्ति के चरित्र निर्माण में गहरा योगदान होता है। उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से संदेश दिया कि शिक्षा और प्रगति जीवन में नए अवसर प्रदान करती हैं, लेकिन हमारी विरासत में मिले संस्कार और अपनी जड़ों से जुड़ाव जीवनभर हमारा मार्गदर्शन करते हैं।
प्रतियोगिता के समापन पर वाइनबर्ग-एलन स्कूल ने प्रथम ‘जय माला जैन मेमोरियल हेरिटेज क्विज’ का खिताब अपने नाम किया। पीवाईडीएस लर्निंग एकेडमी ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि डीएसबी इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, ऋषिकेश तीसरे स्थान पर रहा।
कार्यक्रम के अंत में तुलाज़ इंटरनेशनल स्कूल के उपप्रधानाचार्य संजय शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की संयोजक स्वाति थापा रहीं।
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