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बदहाल पड़ा कुलसारी का पौराणिक सूर्य मंदिर, जिर्णोद्धार की मांग

चमोली। नंदा देवी राजजात यात्रा के मुख्य पड़ाव काली मंदिर कुलसारी के पास पिंडर नदी के तट पर स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक  पौराणिक सूर्य मंदिर सरकार तथा शासन- प्रशासन की उदासीनता के कारण विलुप्ति के कगार पर है ।
यह मंदिर कई वर्षों से जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है और आज तक भी मंदिर का जीर्णोद्धार का कार्य  ना तो सरकारों ने किया, ना ही पुरातत्वविदों की नजर इस पर पड़ी, आज यह मंदिर अपनी पहचान खोता जा रहा हैं, मानसखंड कॉरिडोर में होने के बावजूद अभी तक इसका जिर्णोद्धार का कार्य शुरू नहीं किया गया हैं,जिस कारण स्थानीय लोगों मे नाराजगी पनप रही हैं, स्थानीय लोगों ने इस पौराणिक सूर्य मंदिर  के जीर्णोद्धार की सरकार से मांग की है, सामाजिक कार्यकर्ता एवं व्यापार संघ अध्यक्ष कुलसारी महिपाल सिंह भंडारी ने बताया 2026 में नंदा देवी राजजात का आयोजन होना है अतः राजजात से पूर्व मंदिर का निर्माण करने के लिए सरकार को अवगत करा दिया गया है।
कुलसारी स्थित मां काली मंदिर के पुजारी जयंती प्रसाद कुलसारा का कहना है कि यह प्राचीन मंदिर सदियों पुराना है, पहले इस मंदिर के अंदर एक पानी का कुंड हुआ करता था  और इस कुंड से जो पानी निकलता था, उससे यहां के ग्रामीण अपनी प्यास बुझाया करते थे, और उन्होंने बताया सूर्योदय होने पर सबसे पहले सूर्य की किरण इस मंदिर के शिखर पर पड़ती है , किंवदंती है कि एक दिन एक गाय का बछड़ा इस कुंड में पानी पीने गया और यही डूब गया, तब से मंदिर अशुद्ध हो गया और यहां का पानी भी गायब हो गया, और मूर्तियां अपने आप खंडित हो गई।
तब से आज तक यह मंदिर वीरान पड़ा है आज मंदिर में घास जम गई है और लोग मंदिर में जाने से कतराते हैं, उन्होंने बताया पूर्व में जब मंदिर में हवन हुआ करता था तो उसमें जिस घी, जो, तिल,हवन सामग्री का उपयोग किया जाता था उसको  लगाने से कई सारे चर्म रोग या अन्य रोग ठीक हो जाते थे, सामाजिक कार्यकर्ता मोहन राम आर्य ने बताया कि आगामी नंदा राजजात यात्रा होने में कुछ ही समय बचा है, और आज तक भी मंदिर की सुध नहीं ली गई,  स्थानीय लोग सरकार से यह मांग करते हैं कि जल्द से जल्द इस मंदिर का जीर्णोधार कर पुनर्स्थापित किया जाए।
इस संबंध में ब्लॉक प्रमुख प्रवीण पुरोहित, ग्रामीण खिलाफ सिंह बिष्ट पूर्व प्रधान कुलसारी, मनीष सती पूर्व प्रधान कुलसारी, सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल भंडारी, नित्या नेगी, कपूर सिंह रावत, अवतार दानू, दीपक सती, पंकज रावत,देवी सती, गिरीश चमोला,लक्ष्मी प्रसाद सती, दिनेश गोड़, आदि लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार की मांग की है।
स्थानीय विधायक भूपाल लाल टम्टा ने बताया यह हमारी पौराणिक धरोहर है इसके लिए पर्यटन विभाग से प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा जा रहा है जल्दी यह मंदिर अपने पुराने स्वरूप में आ जाएगा।

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